अरुंधती रॉय नामक तथाकथित बुद्धिजीवी ने कश्मीर के सन्दर्भ
में जो भारत के विरुद्ध देशद्रोहियाना बयान दिया है उसके बाद भी
वह जेल से बाहर घूम रही है तो इस पर हमें उतना ही शर्मसार होना
चाहिए जितना कि हम अफजल गुरू और कसाब के जीवित रहने पर हैं
अरुंधती रॉय जैसी %#@^$&*@ के लिए
एक ही शब्द ज़ुबां पे आता है और वो है #$^&@!*&^$#

3 comments:
महेन्द्र मिश्र said...
बड्डे जब आप कह रहे हैं तो मैं भी कह रहा हूँ उसकी ऐसी की तैसी ....
Anonymous said...
I guess she is only telling the facts she has gathered!! it may be a bit one sided but a fact is a fact!!
डा. अरुणा कपूर. said...
आरुंधती रॉय बौद्धिजीवी कहलाने लायक रही नही है!....ऐसे देश के दुश्मनों के लिए,रहने की जगह जेल ही होनी चाहिए!