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सोता सन्त जगाइए, करै राम का जाप


ये तीनों सोते भले,साकत, सिंह और सांप



रचयिता : कबीर


प्रस्तुति : अलबेला खत्री




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2 comments:

    डॉ टी एस दराल said...

    सत्य वचन।

  1. ... on January 30, 2010 at 9:47 PM  
  2. boletobindas said...

    कबीर हमेशा के लिए हैं....

  3. ... on April 26, 2010 at 2:38 PM