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आज प्रस्तुत है हास्य के हिमालय स्व शैल चतुर्वेदी की

एक लोकप्रिय हास्य कविता



नये -नये मन्त्री ने कहा- आज कार हम चलाएंगे

ड्राइवर बोला - हम उतर जायेंगे

हुज़ूर ! चला कर तो देखिये........

आपकी आत्मा हिल जाएगी

ये कार है, सरकार नहीं,

जो भगवान के भरोसे चल जायेगी



रचयिता : शैल चतुर्वेदी

प्रस्तुति : अलबेला खत्री





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4 comments:

    Shah Nawaz said...

    :-)

  1. ... on September 11, 2010 at 7:46 AM  
  2. Virendra Singh Chauhan said...

    Bahut hi achhi hasay prastuti....

    Badhaai..

  3. ... on September 11, 2010 at 8:06 AM  
  4. काजल कुमार Kajal Kumar said...

    शैल जी अपनी शैली के अग्रणी कवि रहे हैं. उनकी रचना वांचने के लिए आभार.

  5. ... on September 11, 2010 at 8:23 AM  
  6. पं.डी.के.शर्मा"वत्स" said...

    सही है :)
    हैल जी की इस हास्य रचना को पढवाने के लिए आभार.....

  7. ... on September 12, 2010 at 1:23 AM