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मंच जब से अर्थदायक हो गए


तोतले भी गीतगायक हो गए


राजनैतिक मूल्य कुछ ऐसे गिरे


जेबकतरे तक विधायक हो गए




रचयिता : तेजनारायण शर्मा 'बेचैन'


प्रस्तुति : अलबेला खत्री



# lauuhter ke phatke with albela khatri

17 dec. 10.00 P.M. on STAR ONE






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7 comments:

    जी.के. अवधिया said...

    वाह!

    मूक होहिं वाचाल ...

  1. ... on December 15, 2009 at 8:48 PM  
  2. खुशदीप सहगल said...

    वा तलबेला दी

    त्या तूब बात तही है, मदा आ दया...

    तय इंद...

  3. ... on December 15, 2009 at 9:11 PM  
  4. Kusum Thakur said...

    वाह क्या खूब कही है ! आभार !

  5. ... on December 15, 2009 at 9:57 PM  
  6. योगेन्द्र मौदगिल said...

    WAhwa...bechain g ko badhai.

  7. ... on December 15, 2009 at 11:35 PM  
  8. परमजीत बाली said...

    बहुत खूब!!

  9. ... on December 16, 2009 at 12:35 AM  
  10. RAJNISH PARIHAR said...

    जी सच में बालीवुड में आजकल ऐसा ही हो रहा है...

  11. ... on December 16, 2009 at 2:11 AM  
  12. डॉ टी एस दराल said...

    गज़ब की सच्चाई पेश की है, अलबेला जी, और मजेदार भी ।

  13. ... on December 16, 2009 at 4:22 AM