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फूल विहँसता, शूल मौन है


__एक डाल के दोनों साथी

__दोनों को ही हवा झुलाती

फूल झरेगा, शूल रहेगा, सत्य कौन है, भूल कौन है ?



लहर नाचता, कूल मौन है


__एक पन्थ के दोनों साथी

__दोनों को किरणें नहलाती

लहर मिटेगी, कूल रहेगा, सत्य कौन है, भूल कौन है ?




चरना बोलता, धूल मौन है


__युग-युग के दोनों हैं साथी

__दोनों पर ही नभ की छाती

चरण रुकेगा, धूल चलेगी, सत्य कौन है, भूल कौन है ?




रचयिता : कन्हैयालाल सेठिया


प्रस्तुति : अलबेला खत्री




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3 comments:

    डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक said...

    "कविवर कन्हैयालाल सेठिया की रचना - सत्य कौन है, भूल कौन है ?" को पढ़वाने के लिए आभार!

  1. ... on November 11, 2009 at 10:18 PM  
  2. Babli said...

    कविवर कन्हैयालाल सेठिया की रचना बहुत अच्छी लगी ! धन्यवाद खत्री जी कन्हैयालाल जी की रचना को पढ़वाने के लिए !

  3. ... on November 11, 2009 at 10:58 PM  
  4. शरद कोकास said...

    सुन्दर है कन्हैयालल जी का यह गीत

  5. ... on November 22, 2009 at 10:21 AM